स्पेस यात्रा -क्रिस्टीना हमॉक कोच (interview)

जीवन में हमेशा यादगार रहेंगे स्पेस के 328 दिन 

दोस्तों हम लोगों में एक उत्सुकता होती कुछ चीज़े जानने की कि हमारी प्रथ्वी के बहार अन्तरिक्ष में कैसा है वगैरह- वगैरह वैसे तो इन्सान प्रथ्वी के बाहर जा चुका है चाँद पर, हमारे देश के लिए गर्व की बात है, कि कल्पना चावला भी अन्तरिक्ष की सैर कर चुकी है | ऐसे ही आज एक स्पेस यात्री के बारे में बात करेंगे जिन्होंने एक महिला होकर अन्तरिक्ष में 328 दिन बिताये बिना किसी पुरुष सहयात्री के बिना | ये साक्षात्कार अन्तरिक्ष में समय बिताने वाली नासा की  महिला अन्तरिक्ष यात्री के विभिन्न साक्षात्कारो पर आधारित ह |

    मैं बहुत खुश हूँ कि हम नशा के रिकॉर्ड तोड़ रहे है | इसका मतलब है कि हम आगे बढ़ रहे है | मुझे लगता है, यह प्रगति का संकेत है | लम्बे समय तक अन्तरिक्ष में रहने का अवसर मिलना वास्तव में मेरे लिए सम्मान की बात है |पेगी व्हिटसन मेरी आदर्श है | ............ क्रिस्टीना हमॉक कोच 


मेरा जन्म अमेरिका के मिशिगन प्रान्त में हुआ, वर्तमान में मैं अपने पति के साथ टेक्सास में रहती हूँ | बचपन से ही मेरा सपना अन्तरिक्ष यात्री बनने का था | शुरूआती पढाई के बाद मैंने डरहम स्थित नार्थ कैरोलिना स्कूल ऑफ़ science एंड mathematics से स्नातक किया, और उसके बाद नार्थ कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया, जहाँ से मैंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और भौतिकी में बेचलर ऑफ़ साइंस की डिग्री हांसिल की, और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में परस्नातक किया | 

नासा से जुडाव  

वर्ष 2001 में मैंने G.S.F.C (गोडर्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर ) में नासा अकादमी के एक कोर्स में स्नातक किया | इसके बाद 2002 से 2004 तक G.S.F.C में ही उच्च  उर्जा खगोल भौतकी के लिए प्रयोगशाला में इलेक्ट्रिकल इंजिनियर के रूप में काम किया | उस दौरान मैंने नासा के अभियानों में कई वैज्ञानिक उपकरण विकसित किये, इन्होने खगोल भौतिकी और स्पेस science का अध्ययन किया | इसी दौरान भविष्य में होने वाले नशा के अभियानों के लिए जरूरी प्रशिक्षण कार्यक्रम को मैंने जुलाई २०१५ में पूरा कर लिया | इस प्रशिक्षण में हमें अंतरिक्ष सदस्य के लिए जरूरी वैज्ञानिक और तकनीकी  ब्रीफिंग, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन सिस्टम, स्पेस वाक, रोबोटिक्स , फिज़ियोलौज़िकल ट्रेनिग के साथ बिना हवा व् पानी के भी जीवित रहने का प्रशिक्षण दिया गाया | 

ध्रुवीय देशो का अनुभव चुनौतीपूर्ण 

अमेरिका से प्रायोजित अंटार्कटिक कार्यक्रम में रिसर्च  एसोसिएट के रूप में काम करते हुए मैंने 2004 से 2007 तक, 3-3.5 साल आर्कटिक और अंटार्कटिक क्षेत्रों की यात्रा में बिताये | अमुंडसेन -स्काट साउथ पोल स्टेशन पर सर्दियों के मौसम में करीब -111 डिग्री तापमान में काम पूरा किया | सूरज को देखे बिना महीनो, एक ही चालक दल के साथ, बिना ताज़ा भोजन के रहकर लम्बा वक़्त बिताना चुनौतिपूर्ण  रहा |

अन्तरिक्ष पर महिलाओं की चहलकदमी 

जून २०१३ में, मुझे नासा के 21 सदस्यीय दल में चुना गया | 14 मार्च २०१९ को मैंने बतौर फ्लाइट इंजिनियर नासा के इंटरनेशनल स्पेस सेंटर के लिए उड़ान भरि | मेरे साथ चालक दल में अलेक्सी ओव्चिनन और निक हेग भी शामिल थे | अंततः १८ अक्टूबर २०१९ को मैंने अपनि सहयात्री जेसिका मीर के साथ अन्तरिक्ष पर चहलकदमी की | हमें इस अभियान के दौरान ISS के ख़राब पड़े पॉवर कंट्रोलर 'बैटरी-डिस्चार्ज यूनिट ' को बदलना था | हमने बिना किसी पुरुष सहयात्री के सहयोग के यह काम किया |

कभी इस बारे में नहीं सोचा 

जब मैंने ISS के लिए उड़ान भरी, तो सोचा नहीं था कि मैं एक रिकॉर्ड तोड़ने में सक्षम बनूंगी | मैंने एक फ्लाइट में निटने दिन गुजारे | इससे पहले पैगी व्हिटसन ने 289 दिन अन्तरिक्ष में गुजारे थे | मैंने अन्तरिक्ष में धरती के ५२४८ चक्कर लगते हुए 13.9 करोड़ किलोमीटर की यात्रा की  |  अपने मिशन के दौरान मैंने 210 अनुसंधानों में हिस्सा लिया, जो नासा जे आगामी चन्द्र मिशन और मंगल पर मानव को भेजने कि तैयारियों में मददगार होंगे | मुझे पर्वतारोहन, नाव चलाने के साथ फोटोग्राफी करने और घूमने का शौक है, जो मै अक्सर पूरे करती हूँ |

                      ( दोस्तों ये साक्षात्कार कैसा लगा आपको जरूर कमेंट करे | )

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